Classic ASP Part-2 HTML Vs ASP Pages

 नमस्ते दोस्तों 🙏

इस लेख में हम क्लासिक ASP के अंतर्गत किस प्रकार ASP पेज की प्रोसेसिंग की जाती है, इसको समझेंगे। साथ ही HTML पेज के साथ ASP की तुलना भी करेंगे।

HTML पेज की प्रक्रिया

अब हम यह देखेंगे किसी HTML पेज को जब सर्वर द्वारा प्रस्तुत किया जाता है तो उसके कितने चरण है। आमतौर पर यह पांच चरणों में विभाजित किया जाता है जो निम्न प्रकार है।

1) प्रथम चरण: जब यूजर वेब ब्राउज़र के भीतर एड्रेस बार में किसी वेब पेज के लिए रिक्वेस्ट करता है तो वह एड्रेस बार में पूरा यूआरएल लिखता है।

2) दूसरा चरण: जब ब्राउज़र उस रिक्वेस्ट को वेब पेज के लिए वेब सर्वर को भेजता है 

3) तीसरा चरण: वेब सर्वर उस रिक्वेस्ट को प्राप्त करता है और यह पहचान करता है कि यह रिक्वेस्ट किस तरह के एचटीएमएल फाइल के लिए आया है क्योंकि जब फाइल की रिक्वेस्ट की जाती है तो उसका एक्सटेंशन एचटीएम या एचटीएमएल होता है।

4) चौथा चरण: वेब सर्वर उचित प्रॉपर एचटीएमएल फाइल को सर्च कर प्राप्त कर अपने सर्वर के डिस्क या मेमोरी से निकालकर वापस ब्राउज़र को भेज देता है।

5) पांचवा चरण: वेब ब्राउज़र उस एचटीएमएल फाइल को इंटरप्रेट करता है और अंतिम रिजल्ट ब्राउज़र के विंडो में प्रदर्शित कर देता है।

ASP पेज की प्रक्रिया

हमने HTML पेज की प्रक्रिया को देखा। अब हम ASP पेज की प्रक्रिया को समझते हैं। जब सर्वर द्वारा ASP Page प्रस्तुत किया जाता है तो उसके आमतौर पर आठ चरण होते हैं जो निम्न प्रकार है:

1) प्रथम चरण: जब यूजर वेब ब्राउज़र के भीतर एड्रेस बार में किसी वेब पेज के लिए रिक्वेस्ट करता है तो वह एड्रेस बार में पूरा यूआरएल लिखता है।

2) दूसरा चरण: जब ब्राउज़र उस रिक्वेस्ट को वेब पेज के लिए वेब सर्वर IIS को भेजता है।

3) तीसरा चरण: वेब सर्वर उस रिक्वेस्ट को प्राप्त करता है और यह पहचान करता है कि यह रिक्वेस्ट किस तरह के ASP फाइल के लिए आया है क्योंकि जब फाइल की रिक्वेस्ट की जाती है तो उसका एक्सटेंशन .asp होता है।

4) चौथा चरण: वेब सर्वर प्रॉपर ASP फाइल को सर्च कर अपने सर्वर के डिस्क या मेमोरी से निकालता है।

5) पांचवा चरण: वेबसर्वर उस फ़ाइल को प्रोसेस करने के लिए एक खास प्रोग्राम ASP.dll को भेज देता है।

6) छठा चरण: वह प्रोग्राम उस फ़ाइल को इंटरप्रेट line by line करता है। और उसको एचटीएमएल में बदल देता है।

7) सातवें चरण: सर्वर उस एचटीएमएल फ़ाइल को वापस ब्राउज़र को भेज देता है।

8) आठवा चरण: वेब ब्राउज़र उस एचटीएमएल फाइल को इंटरप्रेट करता है और अंतिम रिजल्ट ब्राउज़र के विंडो में प्रदर्शित कर देता है।

नोट: जब भी ASP पेज में किसी प्रकार का परिवर्तन किया जाता है तो उसे दोबारा इंटरप्रेट करने के लिए सर्वर पर भेजा जाता है और सर्वर पर स्थित ASP.dll प्रोग्राम उसको दोबारा इंटरप्रेट करता है। जब भी पेज  में परिवर्तन होता है तो यह प्रक्रिया आमतौर पर होती है।

HTML और ASP पेज की प्रक्रिया में अन्तर

वेब सर्वर के लिए एचटीएमएल पेज और ASP पेज में बहुत बड़ा अंतर होता है। जब सर्वर से किसी एचटीएमएल पेज के लिए रिक्वेस्ट किया जाता है तो वह उस एचटीएमएल पेज को बिना प्रोसेस किए ब्राउज़र को भेज देता है जबकि इसके विपरीत किसी ASP पेज की रिक्वेस्ट सर्वर से की जाती है तो सर्वर उस ASP पेज को पूरा प्रोसेस कराता है और प्रोसेस करने के बाद उसे एचटीएमएल पेज में कन्वर्ट करके ब्राउज़र को भेज देता है। याद रखें कि ब्राउज़र HTML को ही समझता है। पेज में किसी भी प्रकार का स्क्रिप्ट हो उसको HTML में परिवर्तित करने के बाद ही ब्राउज़र को उपलब्ध कराया जाता है क्योंकि ब्राउज़र केवल HTML भाषा को ही समझता है।

ASP Page is extension of HTML page. It contains HTML code + VBScript.

Example of ASP Page

<!DOCTYPE html>
<html>
<body>
<%
response.write("My first ASP script!")
%>
</body>
</html>

ASP फ़ाइल की विशेषताएं

  1. ASP फ़ाइल का फ़ाइल एक्सटेंशन ".asp" होता है।
  2. ASP फ़ाइल बिल्कुल HTML फ़ाइल जैसी ही होती है।
  3. ASP फ़ाइल में HTML के अलावा सर्वर स्क्रिप्ट भी हो सकती हैं।
  4. ASP फ़ाइल में मौजूद सर्वर स्क्रिप्ट सर्वर पर ही रन (execute) होती हैं।


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